Prayer 1

बालकों के रक्षाकर्ता, धन्य हो तुम धन्या हो,

मिलकर हम महिमा तुम्हारी गाएं, धन्य हो तुम धन्य हो।

​हे बालकों के हितकर्ता, देव ज्योति दान हो,

हो सफल जीवन हमारा, ऐसा बल भगवान दो।

खूब पढ़ें सुदंर लिखें और अच्छे बालक बन सकें।

ऐसा आशीर्वाद भगवान आपका हम पा सकें।

​माता-पिता की सेवा को दिल लगाकर कर सकें।

आज्ञा मानें शिक्षको की और मन लगाकर पढ़ सकें।

​चोरी करना, गाली देना, गन्दी बातें ना करें,

अच्छे बालक बन सकें ऐसा हमें वरदान दो।

बालकों के रक्षाकर्ता, धन्य हो तुम धन्य हो।

मिलकर महिमा हम तुम्हारी गाएं, धन्य ही तुम धन्य हो।

Prayer 2

भला चाहना मनुष्य मात्र का ये इंसान वाजिब है।

किसी की तू न कर हानी नहीं नुकसान वाजिब है।

वो हिंदू हो मुसलमां हो यहूदी हो या ईसाई

बृम्हो आर्य सिखः का भी उचित सम्मान वाजिब है।

​किसी की तू ना कर हानी नहीं नुकसान वाजिब।

वो रूमी हो या रूसी हो वो चीनी हो या जापानी

कोई भी हो, कही का हो उचित अहसान वाजिब है।

​मोहब्बत से उसे देना धर्म का ज्ञान वाजिब है।

किसी की तू ना कर हानी नहीं नुकसान वाजिब है।

भला चाहना मनुष्य मात्र का ये इंसान वाजिब है।

किसी की तू ना कर हानी नहीं नुकसान वाजिब है।

Prayer 3

इतनी शक्ति हमें दे ना दाता,

मन का विश्वास कमज़ोर हो ना

हम चलें नेक रस्ते पे हमसे

भूल कर भी कोई भूल हो ना….

इतनी शक्ति

​दूर अज्ञान के हो अंधेरे,

तू हमें ज्ञान की रोशनी दे.

हर बुराई से बचके रहे हम,

जितनी भी दे हमें भली जिंदगी दे

बैर होना किसी का किसी से

भावना मन में बदले की हो ना

हम चलें नेक रस्ते पे हमसे

भूलकर भी कोई भूल हो ना,

​हम न सोचें हमें क्या मिला है

हम ये सोचें किया क्या है अर्पण

फूल खुशियों के बांटे सभी को,

सबका जीवन ही बन जाये मधुबन

अपनी करुणा का जल तू बहा के

करदे पावन हर इक मन का कोना…

हम चलें नेक रस्ते पे हमसे

भूलकर भी कोई भूल होना
इतनी शक्ति हमें दे ना दाता
मनका विश्वास कमज़ोर हो ना..

Prayer 4

( ” *All Things Bright and Beautiful* “)

​All things bright and beautiful

All creatures great and small

All things wise and wonderful

The lord God made them all.

​Each little flower that opens

Each little bird that sings

He made their glowing colours,

He made their tiny wings.

​The purple-headed mountain,

The river running by,

The sunset and the morning,

That brightness up the sky.

​The cold wind in the winter

The pleasant summer sun,

The ripe fruits in the garden

He made them everyone.

​He gave us eyes to see them

And lips that we might tell
How great is God almighty
Who had done all things well.